अयोध्या। सरयू नगरी अयोध्या में अधिवक्ता आलोक सिंह पर उनके पार्टनर मोहित पांडे द्वारा जानलेवा हमले के बाद वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना में आलोक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई है।
घटना के बाद अयोध्या बार एसोसिएशन के सैकड़ों वकीलों ने कोतवाली थाने का घेराव किया। उनका आरोप है कि कोतवाल मनोज शर्मा ने इस मामले में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है। वकीलों का कहना है कि कोतवाल की भूमिका संदिग्ध है और हमले के पीछे राजनीतिक दबाव भी हो सकता है।
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कोतवाल को तत्काल सस्पेंड नहीं किया गया तो वकील जिला न्यायालय में काम बंद कर हड़ताल करेंगे।
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि आलोक सिंह और मोहित पांडे एक साथ प्रैक्टिस करते थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच मनमुटाव बढ़ रहा था। इसी विवाद ने यह रूप ले लिया।
अयोध्या जैसे संवेदनशील शहर में इस तरह वकील पर हमले से पुलिस प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है।




