कानपुर। शहर में इस बार जुलूस-ए-गौसिया नहीं निकलेगा। ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत उल उलेमा ने बरेली की हालिया घटना के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। संगठन ने साफ कहा है कि कानपुर की फिज़ा खराब न हो, इसलिए अमन-चैन बनाए रखना सबसे जरूरी है।
आयोजन को रोकने का यह फैसला एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है क्योंकि कानपुर में दशकों से यह जुलूस निकाला जाता रहा है। संगठन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी उकसावे या अफवाह में न आएं। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह फैसला दोनों समुदायों के बीच शांति कायम रखने में मदद करेगा। धार्मिक आयोजनों को लेकर कानपुर पहले भी कई बार संवेदनशील शहरों की लिस्ट में शामिल रहा है।




