आगरा। अलीगढ़ से आगरा के बीच सफर को मात्र एक घंटे में पूरा करने के लिए प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 136 पेड़ों को काटने की अनुमति मिल गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर काटे जाने वाले पेड़ों को चिह्नित कर दिया है। अब टीम अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी।
सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी ने प्रतिबद्धता जताई है कि काटे जाने वाले पेड़ों की संख्या से दस गुना नए पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद सीईसी दोबारा निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू होगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक संदीप यादव ने बताया कि फतेहाबाद क्षेत्र में पौधरोपण के लिए स्थान चिह्नित कर दिया गया है। पौधों के रोपण और निरीक्षण के बाद दो निर्माण कंपनियां अलीगढ़ और आगरा की ओर से निर्माण कार्य शुरू करेंगी।
यह परियोजना न केवल मार्ग दूरी को घटाएगी बल्कि परिवहन समय को भी कम करेगी, लेकिन इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सातत्यपूर्ण पौधरोपण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।





