आईआईटी में बीटेक छात्र धीरज सैनी की आत्महत्या, 22 महीनों में सात होनहारों की मौत ने खोली छात्र कल्याण की लापरवाही

0
52

कानपुर। आईआईटी कानपुर में एक बार फिर छात्र कल्याण तंत्र की चौंकाने वाली नाकामी सामने आई है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र धीरज सैनी ने रविवार को फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। नौ पेशेवर काउंसलर, चौबीस घंटे की ऑनलाइन हेल्पलाइन, नशा मुक्ति क्लीनिक और हर तीस छात्रों पर एक फैकल्टी सलाहकार तैनात होने के बावजूद संस्थान अपने मेधावी छात्रों की मानसिक स्थिति को समझने में पूरी तरह विफल रहा।

धीरज का शव दो दिन तक कमरे में पड़ा रहा, लेकिन प्रशासन को इसका इत्तला तक नहीं लगी। छात्रों की शिकायत पर जब दुर्गंध आने लगी, तभी शव बरामद हुआ। यह भयंकर लापरवाही और संवेदनाहीनता छात्र कल्याण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

धीरज की मौत आईआईटी कानपुर में पिछले 22 महीनों में सात आत्महत्याओं की भयावह श्रृंखला का हिस्सा है। इसमें 19 दिसंबर 2023 – शोध सहायक डॉ. पल्लवी चिल्का, 10 जनवरी 2024 – एमटेक छात्र विकास मीणा, 18 जनवरी 2024 – पीएचडी छात्रा प्रियंका जायसवाल, 10 अक्टूबर 2024 – पीएचडी छात्रा प्रगति, 10 फरवरी 2025 – पीएचडी छात्र अंकित यादव, 25 अगस्त 2025 – सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी, और 01 अक्टूबर 2025 – बीटेक छात्र धीरज सैनी शामिल है

धीरज एक प्रतिभाशाली छात्र और खिलाड़ी थे, जिन्होंने रोजाना लंबी कूद का अभ्यास किया और आगामी खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले थे। उनकी मौत ने पूरे संस्थान को हिला कर रख दिया। उद्घोष से संबंधित प्रेसवार्ता भी इसी कारण निरस्त करनी पड़ी।

आईआईटी प्रशासन ने धीरज की मौत को दुखद बताया, लेकिन सवाल यह है कि दो दिन तक बंद कमरे में शव होने के बावजूद किसी ने चेतावनी क्यों नहीं दी। यह घटना स्पष्ट करती है कि छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर संस्थान की व्यवस्था गंभीर रूप से नाकाम है। पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच कर रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनशीलता और निगरानी की कमी को छुपाया नहीं जा सकता।

धीरज की मौत ने आईआईटी कानपुर के संपूर्ण छात्र कल्याण तंत्र की विफलता और संस्थान की उदासीनता को उजागर कर दिया है, और यह एक चौंकाने वाली चेतावनी है कि यदि तत्काल सुधार नहीं हुआ, तो और जानें खोई जा सकती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here