जेल अस्पताल परिसर में आत्महत्या, सुरक्षा में चूक पर एक कर्मचारी निलंबित
गोंडा: दहेज हत्या (Dowry murder) के मामले में निरुद्ध बंदी रमजान ने मंगलवार को गोंडा जिला कारागार में स्थित जेल अस्पताल परिसर में फांसी लगाकर अपनी (hangs himself) जान दे दी। रमजान पर 14 जुलाई से जेल में सजा काटने का आदेश था। परसपुर के लच्छन पुरवा का रहने वाला रमजान जेल में बंद था। जेल अधिकारियों के अनुसार मंगलवार सुबह उसे अस्पताल परिसर में फांसी पर झूलते हुए पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जेल प्रशासन ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था में चूक पाए जाने के कारण जेल का एक कर्मचारी निलंबित कर दिया गया है। जिला कारागार के अधिकारी ने बताया कि रमजान लगातार जेल में था और उसके स्वास्थ्य व गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जेल में इस प्रकार की आत्महत्या को गंभीर मामला मानते हुए अंदरूनी जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने कहा कि जांच में यह देखा जाएगा कि आत्महत्या कैसे संभव हो पाई और आगे ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए क्या कड़े कदम उठाए जाएं। रमजान पर दहेज हत्या का मामला दर्ज था और उसे जेल में निरुद्ध रखा गया था। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार, मामला काफी संवेदनशील था और इस प्रकार की घटना ने जेल सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


