बरेली। इलाहाबाद हाईकोर्ट में बरेली निवासी नजारा खातून ने अपने बेटे की मृत्यु के बाद बहू के खिलाफ मासिक भरण-पोषण की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है। सास का आरोप है कि बहू ने अनुकंपा नियुक्ति मिलने के बाद उन्हें छोड़ दिया और भरण-पोषण के लिए कोई राशि नहीं दे रही।
न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने याचिका पर बहू को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है।
याची के अधिवक्ता ने बताया कि बहू अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों का पालन नहीं कर रही है, जिससे याची को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
कोर्ट ने मामला विचारणीय माना और बरेली बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देश दिया कि:
याची के हक में मासिक भरण-पोषण राशि सुनिश्चित करें।
यदि शर्तों का उल्लंघन हो रहा है, तो उचित कार्रवाई की जाए।
मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर 2025 को निर्धारित की गई है।



