लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के चार लाख छात्र-छात्राओं को दिवाली से पहले बड़ी सौगात देते हुए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति वितरित की। राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि अब छात्रवृत्ति छात्रों को समय पर, यानी सितंबर माह में मिल रही है। पहले यह सुविधा फरवरी-मार्च में मिलती थी। उन्होंने प्रतीकात्मक तौर पर कई विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का चेक भी प्रदान किया और सभी बच्चों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरण में भेदभाव होता था, लेकिन उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक साथ दी। उन्होंने बताया कि अब तकनीकी खामियों को खत्म करने के लिए एआई आधारित सिस्टम लाया जा रहा है। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और जैसे ही छात्र का पंजीकरण होगा, उसके फोन पर पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी और समय पर छात्रवृत्ति पहुंच सकेगी।
सीएम योगी ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा से मिली ताकत ने देश और समाज को दिशा दी है। सरकार का प्रयास है कि हर छात्र को मदद मिले ताकि वह अपनी शिक्षा से समाज के विकास में योगदान दे सके।
कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पिछले वर्ष 60 लाख बच्चों को छात्रवृत्ति दी गई थी। इस बार नई व्यवस्था यह होगी कि जो बच्चे तकनीकी कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित रह गए थे, उन्हें भी लाभ मिलेगा। इसके लिए एक नई एप विकसित की जाएगी जिसमें बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की पूरी जानकारी होगी। असीम अरुण ने आश्वासन दिया कि योगी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बच्चा छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।






