फर्रुखाबाद। गंगा का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। डेढ़ माह से गंगा की कटान से परेशान ग्रामीणों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। जलस्तर भले ही घटा हो, लेकिन गंगा की धार का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सदर तहसील क्षेत्र के दिलीप की मढ़ैया गांव में हालात गंभीर बने हुए हैं। देर रात को यहां दो और मकान गंगा की तेज धार में समा गए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पक्का बांध नहीं बना तो पूरा गांव गंगा में विलीन हो जाएगा।स्थानीय निवासियों के अनुसार, बाढ़ से पहले इस इलाके में सात छोटे-छोटे गांव आबाद थे, लेकिन अब गंगा की कटान ने तीन गांवों को पूरी तरह मिटा दिया है। दिलीप की मढ़ैया गांव में अब तक लगभग 20 मकान नदी की धारा में बह चुके हैं। लोग सड़क किनारे या खुले आसमान के नीचे पॉलिथीन डालकर रहने को मजबूर हैं।हैबतपुर गढ़िया से आगे दीप पर गंगा का पानी बहने लगा है। ऐसे में ग्रामीण नाव के सहारे ही आवागमन कर पा रहे हैं। गांव के निवासी विपिन ने बताया कि आधा गांव पहले ही गंगा की धारा में समा चुका है और अब केवल दो-तीन बखरी ही बची हैं। उनका कहना है कि प्रशासन अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता तो बाकी का गांव भी बचना मुश्किल है।दिलीप की मढ़ैया निवासी महिलाओं का कहना है कि तेज धारा के कारण आधा गांव कट चुका है। ऐसे में उन्हें बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेजना पड़ा है। रातभर ग्रामीण घरों के बाहर जागते हैं ताकि अचानक कटान से होने वाले हादसों से खुद को बचा सकें। महिलाएं कहती हैं कि हर पल डर का माहौल है और यह भय खत्म होने का नाम नहीं ले रहा।कटान से प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें सुरक्षित रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, गंगा की कटान को रोकने के लिए पक्का बांध बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले दिनों में और भी गांव गंगा की धारा में समा जाएंगे।





