फर्रुखाबाद। हजरत मखदूम शाह सय्यद शाहबुद्दीन औलिया की ऐतिहासिक दरगाह पर रबी-उस-सानी महीने की नौचंदी जुमेरात का आयोजन श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुआ। शुक्रवार तड़के फजर की नमाज के बाद दरगाह परिसर में चादरपोशी और फातिहा का क्रम शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह आयोजन दरगाह के नायब सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस मौके पर मौलाना शोएब आतिर मदारी ने बताया कि रबी-उस-सानी इस्लामी कैलेंडर का चौथा महीना है, जो हजरत सैयद गोसे आजम से जुड़ा हुआ है।कार्यक्रम में तुलाबा जामिया चिश्तिया द्वारा कुरान पाक की तिलावत की गई। श्रद्धालुओं ने फूल और चादर चढ़ाकर अपनी मन्नतें मांगी। दरगाह के नायब सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम चिश्ती ने उपस्थित लोगों को मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि दरगाहें हमेशा अमन और इंसानियत का पैगाम देती हैं। आयोजन के दौरान देश की तरक्की, सामाजिक सद्भाव और शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। इस मौके पर मुस्लिम श्रद्धालुओं के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी शामिल हुए। इसरार साबरी, आसिफ साबरी, अंसार साबरी समेत कई मुस्लिम श्रद्धालुओं के साथ हिंदू समुदाय से शिवम और आकाश ने भी दरगाह पर हाजिरी दी।यह आयोजन साम्प्रदायिक सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब का अनूठा उदाहरण बन गया, जिसमें सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर अमन, भाईचारे और मोहब्बत का संदेश देते नजर आए।






