फर्रुखाबाद गंगा नदी का बाढ़ का पानी कम होने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। राजेपुर, सबलपुर, कंचनपुर गोटिया, बरुआ और हमीरपुर क्षेत्र में अब तक लगभग 35 पशु खुरपका और मुंहपका बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।स्थानीय पशुपालक रमेश, रामवती, जगरानी और महेश पाल ने बताया कि बीमारी के कारण दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन घट गया है। वहीं, बाढ़ के बाद हरे चारे और पीने के पानी की कमी ने स्थिति और गंभीर बना दी है। इससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।पशु चिकित्सा अधिकारी आकांक्षा श्रीवास्तव ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रभावित गांवों में जल्द ही चिकित्सा टीम भेजी जाएगी और पशुओं का इलाज कराया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं की नियमित देखभाल करें और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें।जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में हरे चारे और साफ पानी की व्यवस्था के लिए भी कदम उठाने की योजना बनाई है, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके और पशुपालकों की परेशानियों में राहत मिल सके।





