उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों की नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं (electricity consumers) के लिए एक नई सूचना सामने आई है। राज्य की बिजली कंपनियां जून महीने का ईंधन अधिभार (fuel surcharge) इस साल के अगस्त बिलों में जोड़कर वसूलेंगी, जिसका असर सितंबर के बिलों में दिखाई देगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। बिजली कंपनियों ने यह कदम ईंधन की बढ़ती कीमतों और लागत को पूरा करने के लिए उठाया है।
बिजली विभाग ने यह भी बताया कि इस अधिभार की राशि बिल में अलग से स्पष्ट रूप से दिखाई जाएगी, ताकि उपभोक्ता इसे समझ सकें। हालांकि उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है और कई लोगों ने इस कदम को महंगाई बढ़ाने वाला बताया है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे समय पर अपने बिलों का भुगतान करें और किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर नजदीकी बिजली कार्यालय से संपर्क करें।


