बरेली। धर्मांतरण गिरोह की जांच में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य कट्टरपंथी जाकिर नाइक के अलावा पाकिस्तानी धर्मगुरु इंजीनियर अली मिर्जा के भी मुरीद हैं। धर्म परिवर्तन कराने से पहले वे शिकार बने लोगों को अली मिर्जा के भाषण सुनाते थे, जिससे उनके दिमाग में भ्रम और जिज्ञासा पैदा होती थी। गिरोह के पास से अली मिर्जा से जुड़ा साहित्य और उसकी तकरीर की सीडी बरामद हुई है।

अधिकारियों के मुताबिक गिरोह पहले अली मिर्जा की आधुनिक विचारधारा दिखाकर हिंदू और मुस्लिम धर्म की समानता बताता था, फिर धीरे-धीरे शिकार को जाकिर नाइक की कट्टरपंथी सोच की ओर धकेल देता था। गिरोह को बाकायदा फंडिंग होती थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इन लोगों को पैसा कहां से और किस माध्यम से मिलता था।

पुलिस ने खुलासा किया है कि गिरोह के पास से ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें कुरान और बाइबिल पर डिबेट दिखाई जाती थी और अंत में मुस्लिम धर्म को सर्वोपरि साबित किया जाता था। इतना ही नहीं, धर्मांतरण कराने के बाद फर्जी प्रमाणपत्र भी दिए जाते थे, जो कथित रूप से दिल्ली की मस्जिद से जारी होते थे।

गिरोह के शिकार बने कई लोग अब पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज करा रहे हैं। इनमें अलीगढ़ निवासी नेत्रहीन प्रवक्ता प्रभात उर्फ हामिद, जो वर्तमान में बुलंदशहर के एक इंटर कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल हैं, ने बरेली कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। प्रभात ने बताया कि कैसे गिरोह ने पहले उसके मन पर असर डाला और फिर धीरे-धीरे उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया।

इसी गिरोह के जाल में फंसे शिक्षक ब्रजपाल उर्फ अब्दुल्ला का परिवार भी प्रभावित हुआ। उसकी बहन का धर्मांतरण कर उसे आयशा बना दिया गया और मुस्लिम युवक से निकाह करा दिया गया। हालांकि परिवार की दूसरी बहन को धर्म परिवर्तन से बचा लिया गया।

एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है और इसकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस टीम जरूरत पड़ने पर दक्षिण भारत तक जाएगी, जहां से संदिग्ध कॉल किए गए थे। एसपी ने कहा कि नए आरोपी सामने आने पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

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