आठ जिलों में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी सख़्त कार्रवाई

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लखनऊ। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उसके आसपास के आठ प्रमुख जिलों में पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह प्रतिबंध मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर (नोएडा), बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से बेहद आवश्यक है।

प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा-15 के तहत किसी भी व्यक्ति या संस्था को, यदि वह इस आदेश का उल्लंघन करता है, पांच साल तक की कैद की सजा दी जा सकती है। साथ ही, दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड मिल सकते हैं। यह प्रावधान न केवल पटाखों के निर्माण और बिक्री पर लागू होगा बल्कि अवैध भंडारण और उपयोग करने वालों पर भी समान रूप से लागू होगा।

प्रदेश पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे प्रदूषण और आगजनी जैसी घटनाओं से बचने के लिए सरकार के आदेश का पालन करें। यदि कहीं भी पटाखों का निर्माण, संग्रहण, विक्रय या उपयोग होता हुआ दिखाई दे, तो उसकी तत्काल शिकायत पुलिस हेल्पलाइन यूपी 112 पर करें। इसके अतिरिक्त लोग अपनी शिकायत या सूचना उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppcb.up.gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पटाखों पर यह प्रतिबंध त्योहारी सीजन में प्रदूषण की समस्या को कम करने में मददगार साबित होगा। पिछले कई वर्षों से दिवाली और अन्य पर्वों पर एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है। ऐसे में सरकार का यह कदम स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा की दिशा में बड़ा निर्णय माना जा रहा है।

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