एटीएस-STF करेगी कार्रवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी राजीव कृष्ण ने बाराबंकी हादसे को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने साफ किया कि बाराबंकी की घटना भगदड़ से नहीं, बल्कि करंट लगने से हुई मौत का मामला है।
डीजीपी ने बताया कि “एक बंदर के हाईटेंशन तार से लटकने के कारण तार टूट गया था, जिससे करंट फैला और हादसा हुआ।” यह बयान उन अफवाहों पर विराम लगाता है, जिनमें भगदड़ को हादसे का कारण बताया जा रहा था।
इसके साथ ही डीजीपी ने धर्मांतरण सिंडिकेट को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि “उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के मामलों में अब एटीएस और एसटीएफ की टीमें कार्रवाई करेंगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी लोग इस सिंडिकेट से जुड़े होंगे, उन पर कठोर कार्रवाई होगी।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बॉर्डर क्षेत्रों को लेकर भी बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि “प्रदेश की सीमाओं पर 122 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा चुकी है।” यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाया गया है ताकि राज्य में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
डीजीपी के इस स्पष्ट और सख्त रुख से संकेत मिलते हैं कि यूपी पुलिस अब संगठित अपराध, धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों में अधिक आक्रामक रुख अपनाने जा रही है।