मथुरा:मथुरा-वृंदावन के कथावाचक (Narrator) अनिरुद्धाचार्य महाराज (Aniruddhacharya Maharaj) के विवादित बयान का मामला तूल पकड़ लिया और इसपर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। 14 साल की लड़कियों की शादी करा देनी चाहिए और 25 साल की उम्र तक लड़कियां चार जगह मुहं मरती है वाले बयान पर न केवल महिला वर्ग को आहत किया है, बल्कि अब न्यायिक वर्ग भी विरोध में उतर आया है। कचहरी परिसर में अधिवक्ता (advocates) व महिला अधिवक्ता लामबंद हुए और अनिरुद्धाचार्य का पुतला फूंक कर आक्रोश जताया।
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने बयान दिया था कि, 14 साल की लड़कियों की शादी करा देनी चाहिए क्योंकि 25 साल की उम्र तक लड़कियां हर जगह मुहं मरती है, शादी करने पर प्री-मैरिटल रिलेशनशिप की संभावना बढ़ जाती है। इस ब्यान पर जिला मुख्यालय पर बार एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में अधिवक्ता व महिला अधिवक्ता ने कचहरी परिसर में अनिरुद्धाचार्य का पुतला दहन किया। बार एसोसिएशन ने महाराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया है। बयान को लेकर कानूनी और सामाजिक मोर्चे पर विरोध तेज हो गया है।
उन्होंने कहा था कि 25 साल की उम्र तक लड़कियां पूरी तरह परिपक्व हो जाती हैं, जिसके कारण देर से शादी करने पर प्री-मैरिटल रिलेशनशिप की संभावना बढ़ जाती है। इस बयान के चलते उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा जिसके बाद। अनिरुद्धाचार्य ने अपने बयान को लेकर मांफी मांग ली है।
उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि आधी-अधूरी वीडियो सुनने के बाद से हमारी कुछ बहनें नाराज है। ‘मैं कभी नारी का अपमान नहीं कर सकता। नारी तो हमारी लक्ष्मी है। यहां तो नारी के अपमान का कोई सवाल ही खड़ा नहीं होता। अनिरुद्धाचार्य ने आगे कहा कि यदि इसके बावजूद अगर मेरी आधी-अधूरी बात सुनने के बाद कोई भी बहन-बेटी आहत हुई है तो मुझे माफ करें।