– सात राज्यों और पुडुचेरी में बारिश का अलर्ट, यूपी में बाढ़ से धान की फसल बर्बाद
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, गोवा और पुडुचेरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। राजधानी जयपुर में शनिवार शाम अचानक मौसम बदला और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन मौसम के इस बदलाव ने जनजीवन और स्थानीय गतिविधियों को भी प्रभावित किया। कई राज्यों में बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम के अलग-अलग रूपों के बीच कहीं तेज बारिश की आशंका है, तो कहीं ठंड और बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। केदारनाथ में पारा करीब माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि बद्रीनाथ और गंगोत्री में तापमान लगभग माइनस 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यमुनोत्री में तापमान करीब 1 डिग्री सेल्सियस रहा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बढ़ती ठंड ने स्थानीय निवासियों और वहां पहुंचने वाले यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बर्फबारी और गिरते तापमान के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है। अचानक बदलते मौसम से पर्वतीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट अब भी लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है। राजधानी लखनऊ और सीतापुर में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन कई इलाकों में जलभराव के कारण हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। पानी जमा रहने से लोगों को आवागमन और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीतापुर में बाढ़ का असर खेती पर भी गंभीर रूप से दिखाई दे रहा है, जहां सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूबी हुई है। फसल को बचाने और नुकसान कम करने की कोशिश में किसान कमर तक भरे पानी में उतरकर धान काटने को मजबूर हैं। किसानों के सामने एक ओर फसल बर्बाद होने का खतरा है, तो दूसरी ओर मेहनत और लागत डूबने की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और बाढ़ की स्थिति ने मौसम से जुड़ी चुनौतियों को एक बार फिर सामने ला दिया है। दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट है, राजस्थान में मौसम बदल रहा है और उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित परिवारों और किसानों के सामने जलभराव तथा फसलों के नुकसान की समस्या बनी हुई है। ऐसे हालात में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखना, लोगों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी देना और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना अहम होगा। खासकर बाढ़ प्रभावित गांवों में किसानों की फसल और आजीविका को हुए नुकसान का आकलन करना जरूरी है। मौसम की बदलती परिस्थितियों के बीच लोगों को आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।


