केंद्र सरकार के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 10% आरक्षण नियमों में बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एनडीटीवी की 17 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पात्रता नियमों में संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं। हालांकि, कृषि आय से जुड़ी शर्त हटाने का कोई अंतिम फैसला अभी घोषित नहीं हुआ है।
EWS आरक्षण के मौजूदा नियमों के तहत पात्र परिवार की सालाना सकल आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसमें वेतन, कृषि, कारोबार और अन्य स्रोतों से होने वाली आय शामिल होती है। इसके अलावा, परिवार के पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि होने पर उसे आय की सीमा से अलग EWS लाभ के लिए अपात्र माना जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, सवर्ण समाज के कुछ संगठन कृषि आय और कृषि भूमि की सीमा से जुड़े प्रावधानों को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि अधिक जमीन होने के बावजूद खेती से होने वाली कम आमदनी के कारण परिवार आर्थिक रूप से कमजोर रह सकता है। इसी मुद्दे पर सरकार के स्तर पर विचार-विमर्श होने की बात सामने आई है।
हालांकि, इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 5 अगस्त 2026 को लोकसभा में स्पष्ट किया था कि EWS आरक्षण के मौजूदा प्रावधानों में संशोधन का कोई प्रस्ताव मंत्रालय के विचाराधीन नहीं है। इसलिए कृषि आय या 5 एकड़ जमीन की शर्त हटने को फिलहाल पुष्ट सरकारी फैसला नहीं, बल्कि संभावित बदलाव से जुड़ी चर्चा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।


