दिल्ली से दुबई जाने वाली एमिरेट्स की फ्लाइट EK 517 के टेकऑफ के दौरान पक्षी से टकराने की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, इस टक्कर के कारण विमान के अगले हिस्से यानी नोज कोन को नुकसान पहुंचा और वह पिचका हुआ नजर आया। फ्लाइट को शाम 4:25 बजे उड़ान भरनी थी। घटना के बाद विमान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ ने उसकी जांच की। इस घटना ने एक बार फिर उड़ान के दौरान पक्षियों से टकराने के खतरे को सामने ला दिया है।
घटना के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद ग्राउंड स्टाफ विमान के अगले हिस्से का निरीक्षण करता दिखाई दिया। सामने आए वीडियो में कर्मचारी नोज कोन की स्थिति की जांच करते नजर आ रहे हैं। विमान के बाहरी हिस्से को हुए नुकसान का आकलन करना सुरक्षा प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसी स्थिति में विमान को उड़ान के लिए सुरक्षित घोषित करने से पहले संबंधित तकनीकी टीम को आवश्यक जांच करनी होती है। हालांकि, विमान की मरम्मत, उड़ान में देरी और यात्रियों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विमानन क्षेत्र में इस तरह की घटना को ‘बर्ड स्ट्राइक’ कहा जाता है। यह तब होती है, जब टेकऑफ, लैंडिंग या उड़ान के दौरान कोई पक्षी विमान से टकरा जाता है। इसका प्रभाव पक्षी के आकार, पक्षियों की संख्या और विमान के जिस हिस्से से टक्कर हुई है, उस पर निर्भर करता है। कई मामलों में इससे मामूली नुकसान होता है, लेकिन बड़े पक्षी या पक्षियों के झुंड से टकराने पर विमान की बाहरी सतह, विंडशील्ड या इंजन प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं को विमानन सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से लिया जाता है।
यदि पक्षी विमान के इंजन में प्रवेश कर जाए, तो इंजन के तेजी से घूमने वाले ब्लेड और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है। आधुनिक विमान इंजनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार परीक्षण किया जाता है, लेकिन पक्षियों से टकराव की स्थिति में तकनीकी निरीक्षण जरूरी रहता है। दिल्ली एयरपोर्ट पर एमिरेट्स की फ्लाइट के मामले में भी ग्राउंड स्टाफ ने विमान की जांच की। घटना के बाद विमान को उड़ान के लिए सुरक्षित घोषित किए जाने और आगे की परिचालन स्थिति के संबंध में आधिकारिक जानकारी मिलने पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


