कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शुक्रवार शाम 5 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली करने जा रही है। पार्टी की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। इसके अलावा, पार्टी आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का भी विरोध करेगी। रैली को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में करीब 6 हजार पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 22 हजार जवानों की तैनाती की गई है। इन इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। यह धारा लागू होने पर संबंधित क्षेत्र में प्रशासन के आदेश के अनुसार लोगों के इकट्ठा होने और अन्य गतिविधियों पर पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।
इसी बीच, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। हालांकि, परिषद की ओर से पार्क बंद रखने की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है। ऐसे में रैली के आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर बनी हुई है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई है। उन्होंने गुरुवार रात 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि दिल्ली पुलिस उन्हें गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर सकती है। अभिजीत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे विरोध से डरने वाले नहीं हैं और तिरंगा लहराने के लिए जेल जाने को भी तैयार हैं। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी की आशंका और पुलिस की कथित गतिविधियों को लेकर संबंधित पक्षों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।


