नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो ट्रेन (Delhi Metro train) में सीनियर सिटिज़न (Senior Citizen) के लिए रिज़र्व सीट को लेकर दो सह-यात्रियों के साथ हुई हाथापाई के बाद 48 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना के बाद, हाथापाई में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में रिटायर्ड IAS अधिकारी संजय प्रताप सिंह (65) और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह (36) को गिरफ़्तार किया गया।
दिल्ली मेट्रो पुलिस द्वारा दर्ज मामले के सिलसिले में कोर्ट में पेश किए जाने के बाद, पिता-पुत्र की जोड़ी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।दिल्ली मेट्रो पुलिस के DCP के अनुसार, यह घटना 8 अक्टूबर को शाम करीब 5.47 बजे हुई।
पुलिस को सूचना मिली कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन के अंदर एक यात्री गिर गया है। हालांकि उन्हें लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुँचते ही मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान पवन शर्मा के तौर पर हुई, जो अपनी 60 से ज़्यादा उम्र की माँ दुर्गा देवी के साथ यमुना विहार जा रहे थे।
मृतक की माँ के बयान के आधार पर 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में एक FIR (नंबर 07/2026) दर्ज की गई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और 3(5) लगाई गई हैं। धारा 105 गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) से संबंधित है, जबकि धारा 3(5) साझा इरादे से किए गए कार्यों से जुड़ी है।
पुलिस ने बताया कि पवन शर्मा और आरोपियों के बीच सीनियर सिटिज़न के लिए आरक्षित सीट को लेकर विवाद हुआ था। ज़ुबानी बहस जल्द ही हाथापाई में बदल गई, जिसके दौरान शर्मा को कथित तौर पर धक्का दिया गया और वे गिर पड़े। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, संजय प्रताप सिंह 1984 AGMUT कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं और नोएडा के सेक्टर-44 में रहते हैं, जबकि उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह वकालत करते हैं और नोएडा के सेक्टर-50 में रहते हैं। पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं, जिसमें विवाद की वजह बनी परिस्थितियां भी शामिल हैं, की जांच की जा रही है।


