– कई मानकों पर 100% अंक मिलने का दावा, सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने टीम वर्क को दिया उपलब्धि का श्रेय
फर्रुखाबाद।मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर स्वास्थ्य विभाग की प्रगति को लेकर जनपद फर्रुखाबाद के बेहतर प्रदर्शन की जानकारी सामने आई है। विभागीय कार्यक्रमों की समीक्षा में कई प्रमुख मानकों पर 100 प्रतिशत अंक मिलने का दावा किया गया है। इस उपलब्धि को स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन, योजनाओं की निगरानी और जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, दवाओं की उपलब्धता, मातृ-शिशु स्वास्थ्य देखभाल तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। दावा है कि कई प्रमुख संकेतकों में जनपद को अधिकतम 10 में से 10 अंक प्राप्त हुए हैं।
इन मानकों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचने की स्थिति का आकलन करना है। हालांकि, जनपद की प्रदेश स्तरीय सटीक रैंक और प्रत्येक मानक के अंक की पुष्टि के लिए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की संबंधित रिपोर्ट आवश्यक है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, निशुल्क दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में विभागीय कार्यक्रमों की समीक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने इस प्रदर्शन का श्रेय जनपद के चिकित्सकों, ब्लॉक प्रभारियों, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है।
उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से इसी तत्परता के साथ कार्य जारी रखने और योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतर सुधार करने की अपेक्षा की, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके।


