– बड़ी साजिश और उकसाने वालों की होगी जांच
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 20 जुलाई को राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए नई FIR दर्ज की है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हिंसा के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। जांच अधिकारी उन लोगों की पहचान करेंगे, जिन्होंने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को उकसाया था। इसके अलावा, यह भी पता लगाया जाएगा कि हिंसा अचानक हुई या इसके लिए पहले से कोई योजना बनाई गई थी। पुलिस इस मामले में घटनाक्रम, प्रदर्शन के दौरान हुई गतिविधियों और कथित तौर पर हिंसा भड़काने में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल करेगी।
सुप्रीम कोर्ट पहले ही प्रदर्शनों से जुड़ी 17 FIR रद्द कर चुका है। अदालत ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों से संबंधित 17 प्राथमिकी रद्द करने का आदेश दिया था। साथ ही, इन्हीं घटनाओं के संबंध में दूसरे राज्यों में दर्ज FIR पर भी कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। ऐसे में दिल्ली पुलिस की ओर से नई FIR दर्ज किए जाने के बाद मामले की कानूनी स्थिति और जांच के दायरे पर ध्यान केंद्रित हो गया है। नई FIR में किन घटनाओं और आरोपों को शामिल किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही जांच की सीमा स्पष्ट हो सकेगी।
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में संसद मार्च को गैरकानूनी बताया था। अदालत में दाखिल हलफनामे में पुलिस ने कहा था कि 20 जुलाई को संसद की ओर निकाले गए मार्च की अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हुए थे, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, जिसके कारण स्थिति बिगड़ी। पुलिस का कहना था कि हालात नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा, लेकिन प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग नहीं किया गया।


