– कई ट्रेनें रद्द, 26 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी संभालेंगे मोर्चा
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को बताया कि पार्टी ने 7 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने की सूचना दी थी, जबकि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे आयोजनों के लिए 10 दिन पहले आवेदन देना जरूरी है। पुलिस के मुताबिक, राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। शनिवार को 57 मेट्रो स्टेशन बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों के लिए 10 डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
प्रदर्शन को लेकर पुलिस और पार्टी आमने-सामने हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपक ने साफ कहा है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आंदोलन होकर रहेगा। उन्होंने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला दिया और कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। दीपक ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने जैसे मुद्दों पर सवाल उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चुनाव में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और वहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन के मद्देनजर 26 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें करीब 15 हजार अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल होंगे। इसे 2020 के दिल्ली दंगों के बाद की सबसे बड़ी सुरक्षा तैयारियों में से एक बताया जा रहा है। पुलिस होटल और गेस्ट हाउसों में ठहरे लोगों के रिकॉर्ड, पहचान पत्र और बुकिंग की जांच कर रही है। रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट के आसपास, बसों और प्रमुख मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। समूहों में दिल्ली पहुंचने वाले लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी है। इस बीच, मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रस्तावित पाबंदियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया, जबकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखा।
ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है। रद्द ट्रेनों की सूची में जबलपुर–हजरत निजामुद्दीन सुपरफास्ट एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस और एमपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के साथ बिहार की मगध एक्सप्रेस, तेजस राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। उत्तर प्रदेश से चलने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस, श्रमशक्ति एक्सप्रेस, यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, शिव गंगा एक्सप्रेस और अन्य सेवाओं के भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। राजस्थान और हरियाणा से जुड़ी कई ट्रेनों को भी रद्द किया गया है। ऐसे में यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना जांचने की सलाह दी जाती है। राजधानी में प्रदर्शन, सुरक्षा प्रतिबंधों और परिवहन सेवाओं पर असर को लेकर स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।


