लखनऊ
शुक्रवार को 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के आवास का घेराव किया और सड़क पर लेटकर विरोध जताया। अभ्यर्थियों ने सिर पर ‘आरक्षण घोटाला’ लिखी टोपियां पहन रखी थीं। वे सीटी बजाकर नारेबाजी करते रहे। यह प्रदर्शन करीब 35 मिनट तक चला, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन मौके से हटाया और उनके साथ बदसलूकी की। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मांगों को उठाने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। इसी के विरोध में उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के आवास के बाहर प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठाई।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि वर्ष 2018 की सहायक शिक्षक भर्ती में उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने 5 प्रतिशत छूट के आधार पर चयन सूची में संशोधन करने और नई सूची जारी करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में उनके साथ हुए अन्याय को दूर करने के लिए चयन सूची में नियमानुसार बदलाव किया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियुक्ति चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती और नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने नारेबाजी के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया और भर्ती से संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई।


