– कहा- समाजवादी सरकार बनी तो माताओं-बहनों को हर साल 40 हजार रुपये देने की योजना लागू करेंगे
अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भारतीय संस्कृति, सामाजिक समानता और प्रेम का संदेश दिया। अखिलेश यादव का यह अयोध्या दौरा पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम के दौरान हुआ।
अखिलेश यादव ने कहा कि “सभी हरि भक्त मिलकर जय राधे श्याम कह रहे हैं, यही हमारे समाज और देश की खूबसूरती है।” उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति महान है और लोग बचपन से ही रामायण तथा महाभारत सुनते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा मन और मनोबल को बढ़ाने का काम करती है। उनके मुताबिक, “भागवत कथा हमें ऐसा समाज बनाने की प्रेरणा देती है, जिसमें भेदभाव का कोई स्थान न हो।” उन्होंने कहा कि उनके लिए भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण एक ही हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि सुदर्शन चक्र सज्जनों की रक्षा के लिए है, उन्हें डराने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि राज छल से नहीं, बल्कि प्रेम से मिलता है। उन्होंने अहंकार, सत्ता, जाति, ऊंच-नीच और छुआछूत जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रेम, दया और अपनापन नहीं रखने वाले का अंत कंस की तरह होता है। भागवत कथा की परंपरा सदियों से चली आ रही है और आगे भी चलती रहेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले समय में समाजवादी सरकार बनने पर अयोध्या की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने के लिए विकास को गति दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार में किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और किसी की दुकान या मकान नहीं उजाड़ा जाएगा।
उन्होंने महिलाओं को लेकर कहा कि भविष्य में माताओं और बहनों को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि “अगर बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री इतना ही आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं।” इस बयान की समकालीन रिपोर्टों में भी पुष्टि हुई है।


