बहराइच: कथित फर्जी डिग्री (fake degree) और रजिस्ट्रेशन का मामला सामने आने के बाद छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। बहराइच (Bahraich) के रामगांव थाना क्षेत्र के तैयबाजोत सोहरवा स्थित नंदा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के छात्र-छात्राएं कई दिनों से कलेक्ट्रेट में धरना दे रहे हैं। तीसरे दिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें ऐसी डिग्रियां और रजिस्ट्रेशन दिए गए, जिन्हें बाद में फर्जी पाया गया। छात्रों का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी तब हुई, जब लखनऊ स्थित थाने से नोटिस मिला। छात्रों के मुताबिक, वर्ष 2020-21 और 2021 बैच के कई विद्यार्थी बीएससी नर्सिंग, डी फार्मा, जीएनएम, एएनएम और बी फार्मा जैसे पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे थे। उनका कहना है कि पढ़ाई पूरी होने के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्रेशन नंबर और डिग्री मांगी, तो कुछ विद्यार्थियों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों की मार्कशीट दी गई।
छात्रा प्रीति सिंह के मुताबिक, इस पूरे मामले में 139 विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन नंबर सामने आए और इन्हीं विद्यार्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अन्य छात्र भी इस स्थिति से प्रभावित हैं और उनका भविष्य संकट में है। प्रीति सिंह ने कॉलेज प्रशासन पर फीस लेने, वैध डिग्री और रजिस्ट्रेशन देने का भरोसा देने के बाद अब छात्रों को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की जानकारी दी, लेकिन उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिली।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई, अपनी फीस वापस दिलाने और वैध डिग्री व रजिस्ट्रेशन उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उनका कहना है कि जिन विद्यार्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है, उसे वापस लिया जाए। छात्रों की मांग है कि कॉलेज को सीज किया जाए और उसे दोबारा संचालित न होने दिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए. इस दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
सीओ सिटी नारायण दत्त मिश्रा ने बताया कि पहले से दर्ज मुकदमे में कॉलेज के प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह राठौर और प्रबंधक दिनेश वर्मा को जेल भेजा जा चुका है। छात्रों की मांगों और मुकदमा वापस लेने की मांग से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला करीब एक महीने पहले सामने आया था। कॉलेज से डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों ने अपनी डिग्रियां आईडी के लिए लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के कार्यालय में भेजी थीं। जांच के दौरान काउंसिल ने इन डिग्रियों को फर्जी पाया। इसके बाद मामले में कार्रवाई शुरू हुई और अपराध शाखा की ओर से 139 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
इसी कार्रवाई के बाद प्रभावित छात्र-छात्राएं अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, फीस की भरपाई और वैध डिग्री व रजिस्ट्रेशन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बहराइच के जिलाधिकारी राजेश पाण्डेय ने 139 छात्र-छात्राओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस कराए जाने की बात कही है।


