फर्रुखाबाद। रतनपुर गांव में गजेंद्र सिंह की हत्या के बाद परिवार के भीतर जमीन को लेकर चल रहा विवाद खुलकर सामने आ गया है। आरोपी अंकित की दोनों बहनों अन्नू और तन्नू ने अपने बयान में बाबा पर लगातार जमीन बेचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि माता-पिता की मौत के बाद भाई ही उनका सहारा था और बाबा के बार-बार जमीन बेचने से उसे अपने और बहनों के भविष्य की चिंता सता रही थी।
अन्नू के मुताबिक बाबा पहले भी जमीन बेच चुके थे। इसके बाद इलाज के लिए दोबारा जमीन बेचने का सौदा किया गया। बहनों का कहना है कि अंकित चाहता था कि परिवार के पास जमीन बची रहे, ताकि दोनों बहनों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रह सके। उसने जमीन बेचने का विरोध भी किया था, लेकिन बाबा ने जमीन का सौदा कर दिया। इसी बात को लेकर घर में तनाव बढ़ता गया।
बहनों ने बताया कि उनके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। पिता के निधन के बाद मां ने बच्चों की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन करीब तीन साल पहले मां की भी मौत हो गई। इसके बाद अंकित ने दोनों छोटी बहनों की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली। खेती से होने वाली आमदनी से घर चलता था और कुछ समय से वह स्कूल वैन भी चला रहा था।
अन्नू का कहना है कि “बाबा जमीन बेचते रहे और भैया को डर था कि कल हमारे पास कुछ नहीं बचेगा। वह हम दोनों बहनों के भविष्य को लेकर परेशान था।” हालांकि जमीन बेचने को लेकर परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बयान सामने आए हैं। मृतक की पत्नी मीना का कहना है कि जमीन इलाज के खर्च के लिए बेची गई थी।
परिवार के बीच पुराने विवाद भी अब सामने आ रहे हैं। आरोपी की बहनों ने अपनी मां को परेशान किए जाने का आरोप लगाया है, जबकि दादी मीना ने इन आरोपों से अलग ननिहाल पक्ष पर बच्चों को परिवार से दूर करने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के दावों की पुलिस जांच में पुष्टि होना बाकी है।
इस विवाद का सबसे बड़ा असर अब अन्नू और तन्नू पर पड़ता दिखाई दे रहा है। दोनों अभी पढ़ाई कर रही हैं और माता-पिता के बाद भाई ही उनकी जिम्मेदारी संभाल रहा था। घटना के बाद अंकित फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। ऐसे में दोनों बहनों के सामने पढ़ाई, घर और भविष्य की जिम्मेदारी का सवाल खड़ा हो गया है।


