बाढ़ के पानी से बड़े पैमाने पर मिट्टी दरकी; निर्माण कंपनी का कार्यालय भी पानी में डूबा
लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ राजधानी में बाढ़ का असर अब निर्माणाधीन परियोजनाओं पर भी दिखाई देने लगा है। डालीगंज के पास ग्रीन कॉरिडोर के नीचे बड़े पैमाने पर मिट्टी दरकने और धंसने की स्थिति सामने आई है। इससे निर्माणाधीन कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि बाढ़ के पानी के दबाव के चलते ग्रीन कॉरिडोर के नीचे की मिट्टी बड़े पैमाने पर दरकी है। इसका असर कॉरिडोर के ऊपरी हिस्से पर भी पड़ने की बात सामने आई है। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण क्षेत्र में निर्माण कार्य भी प्रभावित हुआ है।
क्षेत्र में जलभराव के बीच नगर निगम के पंपिंग स्टेशन से पानी छोड़े जाने की बात भी सामने आई है। पानी के लगातार बहाव और नदी के बढ़े जलस्तर के बीच मिट्टी कटने की स्थिति ने समस्या को और गंभीर कर दिया है। स्थानीय स्तर पर इस स्थिति को लेकर एलडीए की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कर रही कंपनी का डालीगंज स्थित कार्यालय भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है। कार्यालय परिसर में पानी भरने से वहां रखा लाखों रुपये का सामान भी प्रभावित होने की जानकारी है। दस्तावेज, उपकरण और अन्य सामग्री के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
ग्रीन कॉरिडोर के नीचे मिट्टी धंसने की स्थिति को देखते हुए निर्माण स्थल पर सुरक्षा को लेकर तत्काल निरीक्षण और तकनीकी जांच की जरूरत है। अधिकारियों की ओर से मौके की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।


