फर्रुखाबाद/मोहम्मदाबाद। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बुधवार को समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित वृद्धाश्रम, मोहम्मदाबाद में सेवा संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल मुख्य रूप से शामिल हुईं। कार्यक्रम में बुजुर्गों के सम्मान, उनकी भावनाओं और अंतरपीढ़ीगत संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष कायमगंज श्री महेंद्र राजपूत एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी शालिनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद अतिथियों ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को कपड़े, फल एवं मिष्ठान्न वितरित किए और उनका कुशलक्षेम जाना।
कार्यक्रम की सबसे भावपूर्ण पहल समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के बच्चों द्वारा की गई। बच्चों ने अपने मन की भावनाओं को ‘दादा-दादी को पत्र’ के माध्यम से व्यक्त किया। बच्चों ने वृद्धजनों के सामने इन पत्रों का भावपूर्ण वाचन किया।
पत्रों के माध्यम से बच्चों ने बुजुर्गों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि वे स्वयं को अकेला न समझें। समाज की नई पीढ़ी उनके साथ है और उनके अनुभव तथा स्नेह का सम्मान करती है। इस पहल के माध्यम से बच्चों ने पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी को कम करने और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में बच्चों को बुजुर्गों की भावनाओं का सम्मान करने, उनकी सेवा करने और जरूरत के समय उनके साथ खड़े रहने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और जीवन संघर्ष नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं।
श्रीमती अग्रवाल ने बच्चों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा केवल एक दिन का दायित्व नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे अपने घरों और आसपास रहने वाले बुजुर्गों का सम्मान करें, उनकी बात सुनें और आवश्यकता पड़ने पर उनकी सहायता करें।
उन्होंने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को भी प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे स्वयं को सक्रिय और प्रसन्न रखें। योग, लेखन, गीत-संगीत तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों से स्वयं को व्यस्त रखते हुए जीवन का आनंद लें।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने वृद्धजनों के साथ समय बिताया और उनके अनुभवों को सुना। कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम में आत्मीय और भावनात्मक वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर वृद्धाश्रम के संचालक एवं अधीक्षक सहित संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।


