प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार को आमरण अनशन के तीसरे दिन भी जारी रहा। लगातार तीसरे दिन छात्र अपनी मांगों को लेकर अनशन पर डटे रहे। अनशन के दौरान दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें उनकी स्वास्थ्य स्थिति प्रभावित पाई गई।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद छह छात्र आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। अनशनरत छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की प्रत्येक मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए ठोस समाधान नहीं करता, तब तक आमरण अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा।
अनशन पर बैठे छात्रों में आशुतोष मौर्या, आयुष महात्मा, रोशन माहिर, ऋषि, अमित यादव और राकेश शामिल हैं।
छात्रों की मांगों को लेकर जिला प्रशासन, विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता भी हुई। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में आंदोलन से जुड़ी विभिन्न मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। हालांकि वार्ता के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच किसी ठोस सहमति पर बात नहीं बन सकी। इसके बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल वापस लौट आया।
छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद मांगों के समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं होने से उन्हें आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
छात्रों के अनुसार आंदोलन अब केवल कुछ छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी इससे जुड़ चुके हैं। आने वाले दिनों में आंदोलन को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की बात भी छात्र प्रतिनिधियों ने कही है।
अनशनरत छात्रों ने दोहराया कि मांगों का ठोस समाधान होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
आमरण अनशन का तीसरा दिन, छह छात्र अब भी अनशन पर डटे


