लखनऊ। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर मंगलवार को लखनऊ में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास का घेराव किया। बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने मंत्री आवास के दरवाजे पर बैठकर नारेबाजी की। इस दौरान ‘राजभर चाचा न्याय करो’ के नारों से मंत्री आवास गूंज उठा।
अभ्यर्थी करीब आधे घंटे तक नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अभ्यर्थियों को बातचीत के लिए बुलाया। बातचीत के दौरान राजभर ने उनकी मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखने और मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया।
मंत्री ने अभ्यर्थियों से कहा कि वे अपने सभी संबंधित कागजात लेकर आएं। इसके बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय लेने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री के आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों और भर्ती से जुड़े दस्तावेजों को लेकर आगे की बातचीत की बात कही।
2018 में निकली थी 68,500 पदों पर भर्ती
अभ्यर्थियों के मुताबिक, वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में चार श्रेणियों के अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत की छूट का लाभ नहीं दिया गया।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि 150 अंकों की परीक्षा में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत को आधार मानते हुए परिणाम को संशोधित किया जाए। उनका कहना है कि पांच प्रतिशत की छूट का लाभ देते हुए नई चयन सूची जारी की जानी चाहिए।
अभ्यर्थियों ने कहा कि लंबे समय से नियुक्ति की मांग को लेकर वे अपनी बात सरकार के सामने रख रहे हैं। उनका कहना है कि यदि पांच प्रतिशत छूट का लाभ देकर संशोधित परिणाम जारी किया जाता है तो पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सकता है।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती से संबंधित उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। मंत्री ओम प्रकाश राजभर की ओर से मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने के आश्वासन के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आगे होने वाली बातचीत और सरकार के निर्णय पर है।


