
– बदलती जीवनशैली और बढ़ता तनाव हृदय स्वास्थ्य के लिए चुनौती
डॉ के. एम. द्विवेदी
आज पूरी दुनिया में विश्व हृदय दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करना और दिल को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में जरूरी बदलाव के प्रति प्रेरित करना है। हृदय हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में खान-पान की अनियमितता, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और तंबाकू जैसे जोखिम कारक हृदय स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।
हृदय रोगों को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि कई जोखिम कारक लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के मौजूद रह सकते हैं। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों की नियमित जांच न होने पर व्यक्ति को इनके बारे में देर से पता चल सकता है। इसलिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों के अनुसार हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है। भोजन में अत्यधिक नमक, चीनी और संतृप्त वसा का सेवन कम करना तथा फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है।
नियमित शारीरिक गतिविधि भी हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। अपनी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार रोजाना सक्रिय रहना, लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना और चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप व्यायाम करना उपयोगी हो सकता है।
तंबाकू का सेवन हृदय और रक्त वाहिकाओं के लिए प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। धूम्रपान छोड़ना हृदय स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इसी तरह अत्यधिक शराब के सेवन से बचना भी स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना जाता है।
सीने में दबाव या दर्द, सांस लेने में परेशानी, अचानक अत्यधिक पसीना आना, चक्कर या असामान्य कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण अचानक दिखाई दें या गंभीर हों तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। हृदय संबंधी आपात स्थिति में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
विश्व हृदय दिवस केवल एक दिन जागरूकता फैलाने का अवसर नहीं, बल्कि अपनी रोजमर्रा की आदतों पर विचार करने का संदेश भी है। स्वस्थ हृदय के लिए उम्र बढ़ने का इंतजार करने के बजाय शुरुआत आज से ही की जा सकती है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खान-पान, शारीरिक सक्रियता और तंबाकू से दूरी जैसी आदतें हृदय स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
दिल की धड़कन जिंदगी की सबसे अनमोल आवाज है,इसे स्वस्थ रखना केवल व्यक्ति की नहीं, पूरे परिवार की जिम्मेदारी है।
लेखक जाने माने वरिष्ठ फिजीशियन और द केयर हॉस्पिटल के संस्थापक हैं


