तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। न्यूयॉर्क पोस्ट (New York Post) की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य मोहसेन हैदरी ने कहा है कि फरवरी में अमेरिकी और इजरायली हमलों के दौरान घायल होने के बाद मुज्तबा खामेनेई को अस्पताल ले जाया गया था। जिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, वह भी हमले की चपेट में आ गया और उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया।
हैदरी ने कतर के टीवी नेटवर्क Al Araby को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि मुज्तबा को घायल होने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया था। इसके बाद तेहरान के तीन अस्पतालों पर हमले हुए। उनके मुताबिक, मुज्तबा तीसरे अस्पताल में मौजूद थे और उन्हें मलबे से निकाला गया। यह दावा अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
इसके बाद मुज्तबा को कथित तौर पर एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। सार्वजनिक रूप से उनकी मौजूदगी बेहद सीमित रही है, जिससे उनकी सेहत और ठिकाने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। हैदरी ने मुज्तबा खामेनेई के चयन की प्रक्रिया पर भी जानकारी दी। उनके मुताबिक, 8 मार्च को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मुज्तबा को नया सुप्रीम लीडर चुना। दावा है कि उन्हें 59 में से 50 वोट मिले, जबकि आठ वोट अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को मिले और एक सदस्य ने मतदान नहीं किया।
रिपोर्ट के अनुसार, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के क़ोम स्थित सचिवालय को भी निशाना बनाया गया था। इस हमले में आठ लोगों की मौत और नेतृत्व चयन से जुड़े दस्तावेजों के नष्ट होने का दावा किया गया है। मुज्तबा खामेनेई की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। इसलिए अस्पताल से मलबे में निकाले जाने संबंधी हैदरी का बयान एक महत्वपूर्ण लेकिन अपुष्ट दावा है।


