प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के जिला सचिव एवं पूर्व प्रधान पवन यादव की हत्या के बाद बुधवार को प्रयागराज में जमकर हंगामा हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब चार बजे शव घर पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग आक्रोशित हो गए। परिजन और समर्थक शव लेकर वाराणसी-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए और सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद और हत्यारों को फांसी दो के नारे लगाए।
हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और सड़क किनारे लगे बोर्ड उखाड़कर फेंक दिए। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। करीब 200 पुलिसकर्मी, 10 एसीपी, नौ थानों की फोर्स और पांच गाड़ियां पीएसी तैनात की गईं। अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर समझाने का प्रयास किया। परिवार ने एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दो करोड़ रुपये मुआवजे की मांग रखी। करीब पांच घंटे चले हंगामे के बाद रात लगभग नौ बजे परिजन शव लेकर वहां से हटे।
उधर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए इसे कॉन्ट्रैक्ट किलिंग बताया है। पुलिस के मुताबिक गांव के प्रधानपति विनोद कुमार यादव ने पवन यादव की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। हत्या को अंजाम देने के लिए भदोही से शूटर बुलाए गए थे और करीब डेढ़ महीने से पवन की रेकी की जा रही थी। पुलिस ने प्रधानपति विनोद कुमार यादव, बृजेश यादव, हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला और निहाल को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की तलाश के दौरान बुधवार दोपहर हंडिया थाना क्षेत्र के बरौत इलाके में पुलिस और दो आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला और निहाल के पैर में गोली लगी। दोनों को उपचार के लिए हंडिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक और दो तमंचे भी बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव के खिलाफ प्रयागराज, कौशांबी और भदोही में 44 मुकदमे दर्ज होने तथा छह बार गैंगस्टर की कार्रवाई होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के अनुसार हत्यारे बाइक से हंडिया कस्बे पहुंचे थे। बाइक निहाल चला रहा था, बीच में बृजेश और पीछे जितेंद्र उर्फ लल्ला बैठा था। कैफे से निकलकर कार में बैठने के दौरान लल्ला ने पवन को पीछे से गोली मार दी। पुलिस ने घटना के बाद 42 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की। वहीं पवन के भाई ने आरोपियों को कड़ी सजा देने और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है। सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता निधि यादव ने घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।


