पटना। बिहार पुलिस के शीर्ष पद की जिम्मेदारी पहली बार महिला आईपीएस अधिकारी के हाथों में पहुंची है। 1991 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा ने बुधवार को बिहार के प्रभारी पुलिस महानिदेशक (DGP) का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। नियमित डीजीपी विनय कुमार के 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अवकाश पर रहने के दौरान प्रीता वर्मा यह जिम्मेदारी संभालेंगी।
पदभार ग्रहण करने के बाद प्रीता वर्मा ने पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में सूखे नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई, महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा, गया के पितृपक्ष मेले में सुरक्षा व्यवस्था और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए। सूखे नशे के खिलाफ अभियान तेज करने के साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थानों, स्कूल-कॉलेज क्षेत्रों में निगरानी एवं गश्त बढ़ाने पर जोर दिया गया।
गया में चल रहे पितृपक्ष मेले को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। वहीं सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रीता वर्मा बिहार कैडर की 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में बिहार होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा से जुड़ी जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। भारत सरकार की 2026 आईपीएस सिविल लिस्ट में उनके नाम के साथ राष्ट्रपति पुलिस पदक सहित सेवा संबंधी सम्मान दर्ज हैं।
प्रीता वर्मा का यह कार्यकाल फिलहाल अस्थायी है। डीजीपी विनय कुमार के अवकाश से लौटने तक वह पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी संभालेंगी। हालांकि, इस नियुक्ति ने बिहार पुलिस के शीर्ष नेतृत्व में महिला अधिकारी की भूमिका को ऐतिहासिक रूप से दर्ज किया है।


