नई दिल्ली। चेक बाउंस और कर्ज विवाद में फंसे अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने दो करोड़ रुपये जमा करने के लिए आखिरी बार दो सप्ताह का समय दिया है। रकम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करनी होगी। अदालत ने उनका पासपोर्ट सरेंडर करने का भी आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई पांच अक्टूबर को होगी। फिलहाल कोर्ट ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी से मिली राहत जारी रखी है।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजपाल यादव के पिछले रवैये पर सख्त नाराजगी जताई। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि उनके पुराने आचरण को देखते हुए उन पर भरोसा करना मुश्किल है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि राजपाल यादव बॉलीवुड में अभिनय और ड्रामा के माहिर हैं और उम्मीद है कि अदालत के सामने भी वैसा व्यवहार नहीं कर रहे होंगे।
अदालत के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक मामले की करीब 15 बार सुनवाई हो चुकी है। इनमें कई बार भुगतान या समझौते को लेकर निर्देश दिए गए, लेकिन आरोप है कि आदेशों का पालन नहीं हुआ। इससे पहले ट्रायल कोर्ट में भी मामला करीब छह साल चला था। निचली अदालत ने वर्ष 2018 में राजपाल यादव को सात चेक बाउंस मामलों में दोषी ठहराया था।
विवाद वर्ष 2010 में राजपाल यादव की बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए लिए गए करीब पांच करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ा है। फिल्म के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बाद कर्ज चुकाने में परेशानी हुई। बाद में ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब नौ करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया।
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील पीएस पाटवालिया ने कहा कि अभिनेता और उनकी मां के पास कुछ संपत्तियां हैं, जिन्हें बेचकर रकम जुटाई जाएगी। उन्होंने भुगतान के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। अदालत ने इसी आधार पर आखिरी अवसर देते हुए कम से कम दो करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराने का निर्देश दिया।
मामले में वर्ष 2013 में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ था, जिसमें करीब 10.40 करोड़ रुपये में पूर्ण और अंतिम निपटारे पर सहमति की बात सामने आई। इसके बाद भी चेक बाउंस से जुड़े विवाद अदालतों तक पहुंचते रहे। वर्ष 2019 में राजपाल यादव को सातों मामलों में तीन-तीन महीने की सजा और प्रत्येक मामले में जुर्माने की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद की अदालतों ने बरकरार रखा। अब सुप्रीम कोर्ट में दो करोड़ रुपये जमा करने की समयसीमा अभिनेता के लिए निर्णायक मानी जा रही है।


