फर्रुखाबाद। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने की चेतावनी देते हुए लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। शिक्षकों की उपस्थिति, छात्र नामांकन, बच्चों की नियमित उपस्थिति और शिक्षण कार्य की गुणवत्ता की लगातार समीक्षा की जाए। कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, स्वच्छता और मध्यान्ह भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर रखने के निर्देश दिए। पात्र विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्कूल बैग समेत सभी सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने विद्यालयों के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों का तत्काल समाधान कराने तथा लापरवाही बरतने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए।
जर्जर भवनों पर विशेष सख्ती दिखाते हुए जिलाधिकारी ने इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई एक सप्ताह के भीतर पूरी कराने को कहा। कायाकल्प योजना के 19 मानकों को पूरा कराने में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई। साथ ही सभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के पीने के पानी की टंकियों की सफाई तीन दिन के भीतर कराने और इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने बच्चों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन करने के साथ विद्यालयों में अनुशासन और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


