लखनऊ। राजधानी में सड़क किनारे कूड़ा डाले जाने के मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि सड़क किनारे कूड़ा डालना स्वीकार्य नहीं है। इससे आसपास रहने वाले लोगों के साथ-साथ राहगीरों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिया कि कूड़ा निस्तारण के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान की संभावना तलाश की जाए। अदालत ने कहा कि समस्या का अस्थायी समाधान करने के बजाय इसका स्थायी समाधान तलाश कर उसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
हाईकोर्ट ने माना कि सड़क किनारे खुले में कूड़ा जमा होने से क्षेत्र की स्वच्छता प्रभावित होती है। कूड़े के कारण दुर्गंध, गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ने के साथ राहगीरों तथा आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
अदालत ने नगर निगम की जिम्मेदारी तय करते हुए कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क किनारे कूड़ा डालने की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
हाईकोर्ट ने नगर निगम को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की है। अब अगली सुनवाई में नगर निगम की ओर से उठाए गए कदमों और कूड़ा निस्तारण के स्थायी समाधान की दिशा में हुई प्रगति पर अदालत का रुख सामने आएगा।


