कर्मचारियों को सख्त हिदायत, लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
अमृतपुर
गंगा और रामगंगा नदियों के उफान के बीच प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांवों में निगरानी और राहत व्यवस्था तेज कर दी है। बुधवार को उपजिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू ने हमीरपुर परतापुर, कुम्हरौर और अमैयापुर गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ के हालात का जायजा लिया। एसडीएम के गांवों में पहुंचते ही प्रशासनिक अमले में भी सक्रियता दिखाई दी।निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलभराव की स्थिति, ग्रामीणों की समस्याओं और आवागमन की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी परेशानियां सुनीं तथा मौके पर मौजूद कर्मचारियों से बाढ़ से निपटने के लिए की गई व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। नदी के लगातार उफान पर होने के कारण प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।एसडीएम श्वेता साहू ने संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि नदी और बाढ़ के पानी के नजदीक जाने से बचें तथा प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देने के निर्देश दिए गए।
गंगा और रामगंगा के उफान के चलते अमृतपुर क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे में एसडीएम के स्थलीय निरीक्षण को प्रशासन की सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


