बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से रामनगर क्षेत्र में बाढ़ और कटान का संकट गहरा गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही आसपास के गांवों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं और कटान का खतरा भी बढ़ गया है।
नदी के बढ़ते जलस्तर से हेतमापुर, ललपुरवा समेत करीब 60 गांव प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर पानी भरने के साथ ही ग्रामीणों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
बाढ़ और कटान की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हेतमापुर का बंद पड़ा दूरसंचार केंद्र कटान की चपेट में आकर नदी में समा गया। वहीं गांव का हनुमान मंदिर भी कटान की जद में आ गया है। इससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों और कटान वाले स्थानों का निरीक्षण कर स्थानीय हालात की जानकारी ली।
सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण प्रशासन की चुनौती लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।


