अयोध्या। राममंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुंचे और नई जिम्मेदारी संभाल ली। दिल्ली से विमान से अयोध्या पहुंचे मिश्रा का एयरपोर्ट पर ट्रस्ट की ओर से स्वागत किया गया। इसके बाद वह सीधे रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे और रामलला के दर्शन किए।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि “पुरानी बातों को छोड़कर आगे बढ़ने का समय है।” उन्होंने चयन समिति और ट्रस्ट का आभार जताते हुए कहा कि भगवान श्रीराम उन्हें इस पवित्र जिम्मेदारी को निभाने की शक्ति दें। राष्ट्र सेवा के बाद अब रामभक्तों की सेवा को अपनी नई जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने मंदिर व्यवस्था को बेहतर बनाने का संकेत दिया।
मिश्रा के कार्यभार संभालने के साथ ही राममंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है। CEO ट्रस्ट की नीतियों के तहत मंदिर के प्रशासन, संचालन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, कर्मचारियों और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। उन्हें ट्रस्ट का पेशेवर प्रशासनिक हाथ माना जा रहा है, जबकि नीतिगत फैसलों का अधिकार ट्रस्ट के पास ही रहेगा।
CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में भी बड़ा फेरबदल हुआ है। स्वामी गोविंद देव गिरि को महासचिव और महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और डॉ. निर्मला यादव को नए ट्रस्टी बनाया गया है। निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी हैं।
मंदिर की व्यवस्थाओं में भी बदलाव की तैयारी है। रामलला की आरती और भोग के दौरान पारंपरिक पदों के गायन की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। अर्चकों के लिए पीले रंग के रेशमी वस्त्रों का नया ड्रेस कोड भी तैयार किया गया है।
जीतेंद्र मिश्रा के सामने मंदिर की बढ़ती श्रद्धालु संख्या के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी। हाल में सामने आए चढ़ावा चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट ने पारदर्शिता, निगरानी और पेशेवर प्रबंधन पर जोर बढ़ाया है। ऐसे में पूर्व एयर मार्शल का सैन्य प्रशासन और संचालन का अनुभव मंदिर की नई व्यवस्था में अहम माना जा रहा है।
करीब चार दशक तक भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे चुके मिश्रा अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त हुए थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रहे। अब सैन्य कमान के बाद उनके सामने देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक की विशाल प्रशासनिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है।


