कौशांबी/प्रयागराज। अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री मालिक नौशाद के 18 वर्षीय बेटे आदिल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक बुधवार देर रात करीब दो बजे घेराबंदी के दौरान आदिल ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। घायल आदिल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, आदिल बाइक से भागने का प्रयास कर रहा था। पीछा करने के दौरान उसकी बाइक फिसल गई। इसके बाद उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी गोलीबारी में वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिसकर्मियों ने उसे मौके से उठाकर वाहन तक पहुंचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। उसके पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और तीन खोखे बरामद होने का दावा किया गया है। बाइक भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है।
पूछताछ में आदिल ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर पैसे कमाने के लिए अवैध पटाखे और विस्फोटक सामग्री तैयार करता था। इसके लिए महमूदपुर मनौरी पावर हाउस के पास बने गोदाम का इस्तेमाल किया जाता था। इसी गोदाम में 31 अगस्त को पटाखों और बारूद में जोरदार विस्फोट हुआ था। हादसे में अब तक नौ बच्चों समेत 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
इससे पहले मंगलवार तड़के पुलिस ने फैक्ट्री मालिक नौशाद को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक नौशाद शहर छोड़कर भागने की कोशिश में था। हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण और फैक्ट्री से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई तेज कर दी।
आदिल के तीन मंजिला मकान पर भी मंगलवार शाम बुलडोजर चला। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक 72 वर्गगज में बने इस मकान का नक्शा स्वीकृत नहीं था। बेसमेंट और भूतल पर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं, जबकि ऊपरी दो मंजिलों पर लोग रहते थे। करीब 11 घंटे चली कार्रवाई के बाद बुधवार तड़के मकान को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।
31 अगस्त को मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट से आसपास के आठ मकान भी क्षतिग्रस्त हुए थे। तीन मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि पांच अन्य मकानों को नुकसान पहुंचा। विस्फोट के बाद करीब दो किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दिया था। ग्रामीणों ने झुलसे लोगों को चारपाई और पिकअप वाहनों से अस्पताल पहुंचाया था।
मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद एक इंस्पेक्टर, छह दरोगा समेत नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। हालांकि, फैक्ट्री में विस्फोट की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे से पहले बिजली का खंभा गिरा था, जिसके बाद तेज धमाका हुआ। प्रशासन अब अवैध पटाखा निर्माण, विस्फोटक सामग्री के भंडारण और हादसे की पूरी कड़ी की जांच कर रहा है।


