मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से जिलेवासियों को थी ठोस सौगात की उम्मीद
फर्रुखाबाद। बाढ़ की विभीषिका झेल रहे फर्रुखाबाद पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को लेकर जिलेवासियों की निगाहें किसी बड़ी विकास परियोजना या नई सौगात की घोषणा पर टिकी थीं। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरण और आश्रयहीन परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र व आपदा मोचक निधि से राहत राशि देने की पहल की, लेकिन जिले के विकास को लेकर कोई बड़ी ठोस घोषणा सामने नहीं आई।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले जनपदवासियों में उम्मीद थी कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थायी समस्याओं, जर्जर सड़कों, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार कोई बड़ा निर्णय लेगी। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद कई लोगों को लगा कि मुख्यमंत्री का दौरा राहत तक सीमित रह गया और विकास की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।
वहीं, मुख्यमंत्री के फर्रुखाबाद दौरे के ठीक बाद आज ही उनका मथुरा कार्यक्रम प्रस्तावित है। मथुरा में पूज्य साधु-संतों की उपस्थिति में स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह सहित ₹1,051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाना है। एक ही दिन एक जिले में करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात और दूसरे जिले में बड़ी घोषणा का अभाव अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
बाढ़ से जूझ रहे फर्रुखाबाद के लोगों को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता की जरूरत थी, लेकिन इसके साथ ही जिले को ऐसी स्थायी विकास योजनाओं की भी दरकार है, जिनसे हर साल बाढ़, कटान और बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रहे लोगों को दीर्घकालिक राहत मिल सके।मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद अब जिलेवासियों के बीच यही सवाल उठ रहा है कि जब मथुरा को एक ही दिन में ₹1,051 करोड़ की 229 परियोजनाओं की सौगात मिल सकती है, तो फर्रुखाबाद के हिस्से में बड़ी विकास घोषणा क्यों नहीं आई मुख्यमंत्री से आस लगाए बैठे लोगों को राहत तो मिली, लेकिन विकास की बड़ी उम्मीदें अधूरी रह गईं।


