फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस को हाईटेक और आधुनिक बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन थाना जहानगंज की तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है। बिजली जाते ही पूरा थाना अंधेरे में डूब जाता है। इनवर्टर और जनरेटर तक की व्यवस्था नहीं है, लिहाजा पुलिसकर्मियों को टॉर्च की रोशनी में जरूरी काम निपटाने पड़ते हैं।
जिस थाने में फरियादियों की सुनवाई से लेकर पुलिस की तमाम जरूरी गतिविधियां संचालित होती हैं, वहां बिजली का वैकल्पिक इंतजाम न होना व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। एक ओर थानों को डिजिटल सुविधाओं से लैस करने की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी रोशनी के लिए भी टॉर्च का सहारा लेना पड़ रहा है।
बिजली कटते ही थाने की व्यवस्था इस कदर चरमरा जाती है कि आधुनिक पुलिसिंग के दावे महज कागजी नजर आने लगते हैं। अब सवाल यह है कि जब एक थाने में इनवर्टर और जनरेटर जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं है, तो डिजिटल और स्मार्ट पुलिसिंग का सपना जमीन पर कैसे साकार होगा। जिम्मेदार अधिकारियों को मामले का तत्काल संज्ञान लेकर व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।


