
फर्रुखाबाद। शहर के साहबगंज नारायणदास मोहल्ले में कपड़ा छपाई कारखाना और गैलेक्सी फैशन वर्ल्ड के मालिक राजेश भान साध के बंद मकान में हुई लाखों की चोरी ने शहर कोतवाली पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। करीब 50 लाख रुपये के जेवर, छह लाख रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी होने के मामले में पुलिस अब तक खाली हाथ है। घर के भीतर मिले खून के धब्बों ने जांच को और पेचीदा कर दिया है। पुलिस को आशंका है कि वारदात के दौरान किसी चोर को चोट लगी होगी।
मामले में पुलिस चार नौकरों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। अब दो पुलिस टीमें दूसरे संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं। बाथरूम में बने लॉकर तक पहुंचकर जेवर चोरी किए जाने से पुलिस के सामने यह सवाल भी है कि क्या वारदात में घर की अंदरूनी जानकारी रखने वाला कोई व्यक्ति शामिल था। परिवार से जुड़े एक विश्वासपात्र नौकर के अलीगढ़ का होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
इस बीच इस पूरे मामले की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शहर कोतवाली के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गहलोत के कंधों पर है। यह 2019 बैच के दरोगा हैं, गहलोत का यह पहला चार्ज है और पहली ही जिम्मेदारी में उन्हें जिले की महत्वपूर्ण शहर कोतवाली सौंपी गई है। ऐसे में लाखों की चोरी का यह मामला उनके लिए सीधे तौर पर बड़ी परीक्षा बन गया है। अब निगाह इस बात पर है कि वह कितनी जल्दी वारदात का खुलासा कर पुलिस की साख बचा पाते हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई इस बड़ी चोरी ने पुलिस की कार्यशैली और तैनाती को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस महकमे में लंबे अनुभव वाले वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद नए अधिकारियों को लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने की चर्चा है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या वरिष्ठता और अनुभव को दरकिनार कर नए चेहरों को लगातार बड़े थानों की कमान सौंपी जा रही है अगर ऐसा है तो इन अधिकारियों के सामने पहली ही चुनौती में खुद को साबित करने की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होगी।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य चोरी गए जेवरात और नकदी की बरामदगी के साथ वारदात में शामिल लोगों तक पहुंचना है। कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गहलोत के अनुसार संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और दो टीमें घटना के खुलासे में लगी हैं। अब इस मामले का जल्द खुलासा ही बताएगा कि पहली बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे कोतवाल अपनी टीम के साथ चुनौती पर कितनी जल्दी खरे उतरते हैं।


