महराजगंज-कुशीनगर के गांव खाली
गंडक में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी
लखनऊ/महराजगंज। नेपाल के रसुवा में आई भीषण बाढ़ का असर अब उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी दिखने लगा है। नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। महराजगंज और कुशीनगर में हाई अलर्ट जारी कर नदी किनारे बसे संवेदनशील गांवों को खाली कराया जा रहा है।
नेपाल की ओर से करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के 36 गेट खोल दिए गए हैं। इससे गंडक नदी में तेज बहाव के साथ करीब तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है। प्रशासन ने निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतते हुए राहत और बचाव टीमें सक्रिय कर दी हैं।
गांवों में पहुंचीं प्रशासनिक टीमें
महराजगंज और कुशीनगर में नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन की टीमें पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही हैं। संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को नदी के किनारे न जाने और किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही के बाद गंडक नदी में मलबा और पानी तेजी से नीचे की ओर आ रहा है। इससे यूपी के सीमावर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की है।
नेपाल की आपदा के बीच यूपी के महराजगंज और कुशीनगर में हाई अलर्ट ने सीमावर्ती गांवों की चिंता बढ़ा दी है।


