वाराणसी। साइबर पुलिस ने बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और इन खातों की जानकारी देश-विदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को मोटी रकम लेकर उपलब्ध कराता था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा संचालित 41 संदिग्ध बैंक खातों में करीब 116 करोड़ रुपये का लेनदेन सामने आया है। इन खातों के खिलाफ नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर देशभर से 143 शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। गिरफ्तार आरोपियों में तीन वाराणसी और एक बिहार के सासाराम का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई लग्जरी गाड़ियां, फर्जी कंपनियों से संबंधित दस्तावेज, चेकबुक, पासबुक और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध खातों के जरिए हुई रकम का नेटवर्क किन-किन साइबर अपराधियों और गिरोहों तक पहुंचा।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के माध्यम से साइबर अपराधियों को आर्थिक लेनदेन के लिए रास्ता उपलब्ध कराता था। पुलिस अब बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
मामले में दो अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ साइबर ठगी से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।


