इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसवाले लाइनहाजिर
सपा नेता के आरोप पर नए SSP का एक्शन,
मेरठ। सपा नेताओं की कथित पिटाई और पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद मेरठ में नए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बड़ी कार्रवाई की है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अखिलेश गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच सहारनपुर डीआईजी अभिषेक सिंह को सौंपी गई है।
शुक्रवार को सपा नेता डॉ. दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय समेत पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। दिग्विजय भाटी चोटिल आंख पर पट्टी बांधकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे और रोते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बूटों से पीटा गया। उनका दावा था कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें कथित तौर पर एक गाने पर नाचने के लिए मजबूर किया और विरोध करने पर मारपीट की।
दिग्विजय भाटी के अनुसार, 19 अगस्त को वह और मोहित जाटव ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में अपनी बात रखने तत्कालीन एसएसपी से मिलने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और उन्हें एसएसपी के चैंबर में ले जाकर पीटा गया। इसके बाद उन्हें सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के साथ एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां भी मारपीट का आरोप लगाया गया।
मोहित जाटव ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उनके खिलाफ मुठभेड़ की योजना तक बनाई थी। दोनों नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने आरोपों को बताया था निराधार
मेरठ पुलिस ने इससे पहले दोनों नेताओं के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि दोनों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे संबंधित थानों के हिस्ट्रीशीटर हैं। पुलिस के अनुसार, दिग्विजय भाटी पर मेरठ और अमरोहा में कुल 10 तथा मोहित जाटव पर मेरठ में सात मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को चोटें स्कूटी से गिरने के कारण आने की बात कही थी।
मामला तूल पकड़ने के बाद शासन स्तर पर भी कार्रवाई हुई। तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय का तबादला कर उन्हें पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। अब नए एसएसपी के चार्ज संभालने के बाद आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


