30 C
Lucknow
Thursday, August 20, 2026

आजमगढ़ में शिक्षकों की कमी पर इंटर कॉलेज में छात्रों का हंगामा

Must read

– बोर्ड परीक्षाएं सिर पर, महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से भड़का आक्रोश
– धमकाने का भी आरोप

आजमगढ़। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के बीच जिले के एक इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश सड़क पर आ गया। महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से नाराज विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि परीक्षा नजदीक है, लेकिन कई विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है।

प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के मुताबिक कॉलेज में कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली हैं। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। छात्रों ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए पूरे पाठ्यक्रम की तैयारी जरूरी है, लेकिन शिक्षक नहीं होने के कारण वे अपने पाठ्यक्रम को समय पर पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षकों की कमी को लेकर जोरदार नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि “बिना रसायन विज्ञान शिक्षक के हमारा भविष्य अम्ल की तरह जल रहा है।” विद्यार्थियों का कहना था कि जब महत्वपूर्ण विषय पढ़ाने वाला शिक्षक ही उपलब्ध नहीं होगा तो परीक्षा की तैयारी कैसे पूरी होगी।

छात्र-छात्राओं ने मांग की कि रिक्त पदों पर जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि नियमित कक्षाएं संचालित हो सकें और बोर्ड परीक्षा से पहले उनका पाठ्यक्रम पूरा कराया जा सके।
प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एक जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा विद्यार्थियों से कहा गया कि “तुम लोगों को इसी स्कूल में पढ़ना है, चिल्लाओ नहीं।” छात्रों का आरोप है कि इस तरह समझाने के बजाय उन्हें दबाव में लेने और धमकाने का प्रयास किया गया। इस कथित टिप्पणी के बाद विद्यार्थियों का आक्रोश और बढ़ गया तथा प्रदर्शन ने बड़ा रूप ले लिया।
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने भी कॉलेज प्रशासन पर धमकाने का आरोप लगाया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
विद्यार्थियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा नजदीक है और समय तेजी से निकल रहा है। ऐसे में यदि शिक्षकों की कमी दूर नहीं हुई तो उन्हें कई विषयों की तैयारी स्वयं करनी पड़ेगी। छात्रों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर शिक्षकों की व्यवस्था कराने की मांग की है।
विद्यार्थियों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था के लिए है। उनका सवाल है कि जब परीक्षा में पूरा पाठ्यक्रम आएगा तो बिना शिक्षक के उस पाठ्यक्रम की तैयारी कैसे संभव होगी।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article