कायमगंज/फर्रुखाबाद।
जल संरक्षण,भूजल स्तर सुधार और गांवों को सुंदर बनाने के उद्देश्य से विकसित किए गए अमृत सरोवर गर्मी में सूखे पड़े है।तालाबों में पानी न होने से पशु-पक्षियों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
कायमगंज विकासखंड के ग्राम अताईपुर जदीद में वर्ष 2022 में करीब 38.76 लाख रुपये की लागत से अमृत सरोवर विकसित कराया गया था। करीब 15 हजार आबादी वाले गांव में सरोवर के लिए 10.01 लाख रुपये मनरेगा मजदूरी और 28.75 लाख रुपये निर्माण सामग्री पर खर्च किए गए। शुरुआत में ग्रामीणों के बैठने के लिए बेंच लगाकर तालाब को ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया था।
हालांकि रखरखाव के अभाव में सरोवर की हालत खराब होती गई। तालाब में पानी ही नहीं झाड़-झंखाड़, टूटी बेंच और उबड़-खाबड़ रास्ते इसकी बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं। अमृत सरोवर में पड़ी नाव भी पूरी तरह गल चुकी है और वह नाव का एक लकड़ी का पटला पड़ा हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि आज आप को यहां पर 15 अगस्त को लेकर थोड़ी बहुत बेंच के पास साफ सफाई और झाड़ू लगी दिखाई पड़ रही वरना यहां की स्थिति बहुत बुरी है।गर्मी की शुरुआत होते ही अमृत सरोवर में पानी सूख जाता है, जिससे पशु-पक्षियों को परेशानी होती है। सरोवर के आसपास पेड़ लगे होने से पक्षियों का बसेरा भी रहता है।
गांव के ग्रामीणों के अनुसार अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण के बाद भी पानी की उचित व्यवस्था नहीं की गई। सरोवर में बरसात के दिनों में ही पानी भरता है और गर्मी आते-आते सूख जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय-समय पर ट्यूबवेल से पानी भरवाया जाए तो पशु-पक्षियों को राहत मिल सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से अमृत सरोवर में नियमित पानी भरवाने और साफ-सफाई कराने की मांग की है।
जब इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अमृत सरोवर को जो बजट सरकार के द्वारा दिया गया था वो किसी कारण वश पूरा बजट नहीं निकल पाया इसके चलते भी कुछ कार्य नहीं हो सका।
और जब अमृत सरोवर को जब बनाया गया था तब मैं इस क्षेत्र में कार्यरत नहीं था।
सूखे पड़े ताल,टूटी बेंच रास्ते में पानी के सहारे बचाई जा रही साख ग्रामीणों में भारी नाराजगी


